श्री हनुमान स्वरूप गुरुदेव नीम करौली महाराज को प्रणाम

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान ।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करें हनुमान ॥